समाज को एक सूत्र में बांधती हैं संत रविदास की शिक्षाएं- संजय शर्मा


पंडित दिव्यांश शर्मा स्वतन्त्र पत्रकार उत्तर प्रदेश, 13 फरवरी। सन्त शिरोमणी श्री गुरु रविदास के 648वें प्रकटोत्सव पर पूर्व चेयरमैन थाना भवन संजय शर्मा ने मोहल्ला नबीपुरा में पहुंच कर सतगुरु रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और और शोभा यात्रा का फीता काटकर शुभारंभ किया। गुरु रविदास को नमन करते हुऐ संजय शर्मा ने कहा कि आज से लगभग साढ़े छः सौ वर्ष पूर्व माघ पूर्णिमा के दिन अवतरित हुए रविदास जी नें समाज में फैली जातिवादी मानसिकता, छुआछूत और अश्पृश्यता का घोर विरोध किया और ऊंच नीच के भेदभाव को समाप्त करने के लिये संघर्ष किया। उनका मानना था कि जन्म से कोई ऊंचा या नीचा नही होता सभी अपने कर्मों के कारण ही अच्छे बुरे और छोटे बड़े हों जाते हैं। संजय शर्मा ने कहा कि सन्त रविदास मानव मात्र को एक सामान मानते थे और उन्होंने समाज में व्याप्त वर्ण व्यवस्था की घोर निन्दा की। धर्म परिवर्तन के कठिन दौर में भी उन्होंने अपना धर्म नही छोड़ा और सनातन की रक्षा के लिये सिंकदर लोधी के कैदी बनकर भी घोर यातनाएँ सही। लेकिन धर्म परिवर्तन नही किया। रविदास सबके लिये एक समान अधिकारों की बात करते थे। समाज को एकसूत्र में बांधकर समाज में फैली कुरीतियों और पाखण्डवाद को दूर करने के लिए संत रविदास की शिक्षाएं आज के समय में बहुत ही प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर जगमाल सैनी भाजपा नेता, बिट्टू प्रजापति ,अरुण शर्मा ,विशाल नामदेव,रजनीश उपाध्यायपूर्व सभासद भागमल दिनेश कुमार सभासद, एप्पल भाई बसपा नेता, प्रवेश कुमार भाजपा नेता, रणबीर पूर्व सभासदजनेश्वर पूर्व सभासद, विनोद पत्रकार पूर्व सभासद, देशराज पूर्व सभासद अनुज कुमार , दीपक लांबा अक्षय कुमार , नीटू आदि मौजूद रहे।










