एसबीआई फेरूपुर शाखा ने ग्राम पंचायत टिहरी डोब नगर में आयोजित किया संतृप्ति शिविर
1 min read

पंडित दिव्यांश शर्मा स्वतन्त्र पत्रकार हरिद्वार, 15 अगस्त। एसबीआई फेरूपुर शाखा ने ग्राम पंचायत टिहरी डोब नगर, पथरी के साथ मिलकर टिहरी डोब नगर के सामुदायिक हॉल में एक संतृप्ति शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना और ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्रदान करना था।मुख्य बिंदु इस प्रकार रहेंवित्तीय समावेशन योजनाएं: पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।पीएमजेडीवाई खाता खोलना: ग्रामीणों को पीएमजेडीवाई खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।नामांकन का महत्व: सरकारी योजनाओं के तहत नामांकन के महत्व पर जोर दिया गया।री-केवाईसी: समय पर री-केवाईसी पूरा करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम: सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता प्रदान की गई।शिविर में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्ति मेदिनेश कुमार गुप्ता (एलडीएम हरिद्वार): उन्होंने जनता को संबोधित किया और बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय पर री-केवाईसी पूरा करने के महत्व पर जोर दिया।नीलिमा बिष्ट (एसबीआई फेरूपुर शाखा प्रबंधक): उन्होंने सक्रिय भागीदारी के लिए जनता और शिविर के सफल आयोजन में सहयोग के लिए ग्राम प्रधान श्री खुशी दास जी का धन्यवाद किया।अन्नू (क्षेत्रीय कार्यालय हरिद्वार से प्रबंधक (वित्तीय समावेशन)) उन्होंने भी शिविर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ग्राम प्रधान का धन्यवाद किया।खुशी दास (ग्राम प्रधान) उन्होंने शिविर के आयोजन में सहयोग किया और ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्रदान करने में मदद की।शिविर में 100 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें बैंकिंग सेवाओं से वंचित वयस्क भी शामिल थे। उन्हें सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत मौके पर ही नामांकन प्रदान किया गया। एसबीआई ने आज हरिद्वार और रुड़की जिलों की 10 ग्राम पंचायतों में संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया, जिससे इन जिलों में 1 जुलाई 2025 से आयोजित शिविरों की कुल संख्या 59 हो गई है।समावेशी विकास और डिजिटल साक्षरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, एसबीआई आने वाले हफ्तों में आसपास के गांवों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित करने की योजना बना रहा है। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा और वे अपने जीवन को बेहतर बना सकेंगे।









